Swami Vivekananda Motivational Hindi Story : स्वामी विवेकानन्द के मन की एकाग्रता

Swami Vivekananda Motivational Hindi Story

Swami Vivekananda Motivational Hindi Story भारत के स्वाधीन होने से पहले एक बार अमेरिका में कुछ धनवान घरों के लड़के नदी के किनारे निशाना लगाने का अभ्यास कर रहे थे। वह सभी नदी के किनारे एक स्थान पर गुब्बारे बांध कर दूर से गुब्बारों पर निशाना लगाने की कोशिश  कर रहे थे। सभी लड़के एक-एक करके निशाना लगाने की कोशिश करते परन्तु निशाना लगाते समय उनका ध्यान लक्ष्य से भटक जाता था। उनके कई बार प्रयास करने पर भी वह एक भी गुब्बारा नहीं फोड पाये। उनके इस क्रियाकलाप को एक व्यक्ति ध्यान से देख रहा था। वह व्यक्ति उन लडकों के पास आया, उसने पुरे शरीर

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Motivational story of Swami Ramtirth in Hindi

  बोध कथा Motivational story of Swami Ramtirth in Hindi चुनोती और दृढ़ निश्चय : स्वामी रामतीर्थ बोध कथा एक बार की बात है, जब स्वामी रामतीर्थ जी सन्यास लेने से बहुत पहले एम. ए में पढ़ते थे । उस समय उनका नाम तीर्थराम था । गणित उनका प्रिय विषय था। उनकी एक आदत थी कि यदि प्रश्न-पत्र में लिखा होता कि किन्ही पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए, तो भी वह सभी प्रश्न हल कर देते थे । वह नहीं चाहते थे की कोई प्रश्न उनसे हल न हो । एक बार दूसरे दिन गणित की परीक्षा थी । परीक्षा

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ज्ञान मुद्रा करे तनाव को दूर

    बुद्धि के विकास के लिए करें ज्ञान मुद्रा का प्रयोग | ज्ञान मुद्रा करे तनाव को दूर   वर्तमान समय में चित्त को शांत रखना और एकाग्रता बनाए रखना अपने आप में काफी बड़ा चुनोति पूर्ण कार्य है। तनाव वर्तमान की काफी बड़ी समस्या बन गयी है। ज्ञान मुद्रा के द्वारा हम तनाव को दूर रख सकते हैं। आज कल के शोर शराबे में चित्त को शांत रखने के लिए हम ज्ञान मुद्रा की सहायता ले सकते हैं। ज्ञान मुद्रा से हम अपनी आध्यात्मिक शक्ति एवं बुद्धि का विकास  कर सकते हैं। हमने कई चित्रों में देखा होगा की योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ज्ञान मुद्रा में बैठे

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जन्मदिवस है मित्र तुम्हारा आई है मंगल बेला

  कविता जन्मदिवस है मित्र तुम्हारा  आई है मंगल बेला  आशीष मिले तुम्हे नारायण का  हो सब मंगल मंगल  सुख समृद्धि मिले तुम्हे अपार  हृदय ने यह बोला  सुखमय बीते जीवन तुम्हारा युहीं चले जीवन कि नांव   जन्मदिवस है मित्र तुम्हारा      आई है मंगल बेला ||1||    मातृभूमि दे आशीष तुम्हे   मिले सेवा का अवसर अपार  अर्जित करो जो सुख, समृद्धि तुम  आए वो देश सेवा के काम  धन्य बने जीवन तुम्हारा  करके सेवा अपार जन्मदिवस है मित्र तुम्हारा     आई है मंगल बेला ||2||    केवल शब्द नहीं यह मेरे  है उपहार तुम्हारे लिए  माना की कोई वस्तु नहीं  पर हृदय की गहराई से

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रामसेतु निर्माण के पूण्य कार्य में गिलहरी का योगदान

  गिलहरी का पुण्य कार्य में योगदान रामसेतु बनाने का कार्य चल रहा था। भगवान राम को काफी देर तक एक ही दिशा में निहारते हुए देख लक्ष्मण जी ने पूछा भैया क्या देख रहें हैं आप इतनी देर से ? भगवान राम ने इशारा करते हुए दिखाया कि वो देखो लक्ष्मण एक गिलहरी बार – बार समुद्र के किनारे जाती है और रेत पर लोटपोट करके रेत को अपने शरीर पर चिपका लेती है। जब रेत उसके शरीर पर चिपक जाता है फिर वह सेतु पर जाकर अपना सारा रेत सेतु पर झाड़ आती है। वह काफी देर से यही कार्य

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shaheed-lance-naik-hanumanthappa-biography-in-hindi

  अमर शहीद लांस नायक हनुमनथप्पा जीवन परिचय पुण्यभूमि भारत जहां भगवान और देवता भी जन्म लेते हैं । ऐसी महान पुण्यभूमि भारत को भारतवासी अपनी माता मानते हैं और उसकी वंदना करते हैं। भारत वासियों के दिलों से जब भारत माता की जय और वन्देमातरम जैसे जयघोष निकलते हैं, तब सम्पूर्ण देश में सकरात्मक ऊर्जा और देश भक्ति की भावना का संचार होता है। भारत माता की रक्षा और सेवा के लिए हजारों वर्षों से माँ भारती के पुत्र स्वयं की इच्छा से हस्ते – हस्ते अपने प्राणों का बलिदान देते आए हैं। ऐसे ही एक माँ भारती के वीर

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पढ़ाई देर रात तक करें या फिर सुबह जल्दी उठकर ?

    पढ़ाई देर रात तक करें या फिर सुबह जल्दी उठकर ? वर्तमान परिस्थितियों और जीवन संघर्ष में उच्च शिक्षा का महत्व काफी बड़ गया है ।  अधिकतर विधार्थी अच्छे अंकों से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। अच्छे अंकों के लिए पूर्ण लगन से पढ़ाई करनी पड़ती है परन्तु अनेकों विधार्थीयों ने एक उपाय ढूंढ लिया है कि अच्छे अंकों के लिए देर रात तक पढ़ाई करो । पढ़ाई करना अच्छी बात है परन्तु ऐसी पढ़ाई किस काम की जो हमारे स्वास्थ्य को हानि पहुंचाए। आजकल कई विधार्थी देर रात 2:30 – 3:00  बजे तक पढ़ाई करते हैं, इससे उन्हें

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श्री गुरुजी जीवन प्रेरक प्रसंग : चन्दन है इस देश की माटी

  एक नवयुवक का प्रतिदिन प्रातः व्यायामशाला में जाने का नियम था। एक दिन किसी कारणवश वह व्यायाम करने न जा सका। नियम न टूटे इस बात को ध्यान में रखते हुए वह कॉलेज जाते समय व्यायामशाला में गया और उसकी माटी को मस्तक पर लगाकर सीधे कॉलेज चला गया। पश्चिमी सभ्यता के रंग में रंगे हुए छात्र उसके मस्तक पर लगे माटी के टीके को देखकर हैरान हो गए।  एक ने व्यंग्य के स्वर में पूछा – तुमने कौन सा सौन्दर्य प्रसाधन ( cosmetic ) अपने मस्तक पर लगा रखा है। इसे सुनकर पास खड़े और छात्र भी हंसने लगे। उस

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shaheed bhagat singh poem in hindi

shaheed bhagat singh poem in hindi

  shaheed bhagat singh poem in hindi कविता वो शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह अपना   नव जवानी जिसे मिला फांसी का फन्दा   वो शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह अपना।।      जन्म लिया लायलपुर में  खेती की बन्दुक की  यातनाएं सहीं अनेको बार लेटा बरफ पर अंग्रेजों ने मारे कोड़े कई हज़ार  जख्मो पर रगडे नमक मिर्च कई-कई बार पर भारत माँ के लाल के मुख से आह न निकली  निकली आवाज जब भी निकली  तो भारत माँ के गान की निकली नव जवानी जिसे मिला फांसी का फन्दा               वो शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह अपना।।1।।    फेंक बम्ब

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Sanskrit shlok in hindi and english about elders respect

    अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविन: ।  चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशोबलम् ।।   हिंदी में अर्थ :- जो अपने बड़ों को सदैव नमस्कार करता है, किसी प्रकार से उनका अभिवादन करता है और जो वृद्धों की नित्य सेवा किया करता है, उसकी चार चीजें बढ़ती हैं – आयु, विद्या, कीर्ति और शक्ति ।    In English :-  One who daily respect and serve the elders. Who greets elders by any way, his four things increases – life, knowledge, fame and power.  

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