पढ़ाई देर रात तक करें या फिर सुबह जल्दी उठकर ?

 

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पढ़ाई देर रात तक करें या फिर सुबह जल्दी उठकर ?

वर्तमान परिस्थितियों और जीवन संघर्ष में उच्च शिक्षा का महत्व काफी बड़ गया है ।  अधिकतर विधार्थी अच्छे अंकों से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। अच्छे अंकों के लिए पूर्ण लगन से पढ़ाई करनी पड़ती है परन्तु अनेकों विधार्थीयों ने एक उपाय ढूंढ लिया है कि अच्छे अंकों के लिए देर रात तक पढ़ाई करो । पढ़ाई करना अच्छी बात है परन्तु ऐसी पढ़ाई किस काम की जो हमारे स्वास्थ्य को हानि पहुंचाए। आजकल कई विधार्थी देर रात 2:30 – 3:00  बजे तक पढ़ाई करते हैं, इससे उन्हें सुबह जल्दी उठने में काफी कठिनाई होती है।

जब उनसे बात करो की आप रात्रि देर तक पढ़ाई करने की अपेक्षा प्रातः काल जल्दी उठके पढ़ाई क्यों नहीं करते, तो उनके अनेकों कारण सामने आ जाते हैं। पहला कारण :-  हमसे सुबह जल्दी नहीं उठा जाता, इसलिए देर रात तक पढ़ाई करते हैं । अगर उनसे यह पूछा जाये कि क्या उन्होंने प्रात: काल जल्दी उठने का सच्चे मन से अभ्यास किया है तो उनके जवाब गोलमाल होते हैं। दूसरा कारण :- अधिकतर विधार्थीयों का कहना होता है की रात्रि में काफी शांति होती है । उन्हें कोई परेशान नहीं करता इससे वह आराम से पढ़ाई कर पाते हैं । विधार्थीयों की इस बात पर भी एक परन्तु खड़ा होता है कि क्या प्रात: काल ( Early Morning ) में शांति नहीं होती ? ऐसा नहीं है, अपितु प्रात: काल का समय तो रात्रि की अपेक्षा अधिक शांति पूर्ण और ऊर्जावान होता है। इस प्रकार के अनेकों कारण हम सबके समक्ष आते हैं।

हम सब अच्छे से जानते हैं की शिक्षा प्राप्त करना भी अपने आप में एक साधना है। जब साधना का प्रश्न उठता है, तो कुछ त्याग भी करने पड़ते हैं जैसे की आलस्य का त्याग। अगर विधार्थी दृढ़ निश्चय करें तो वह प्रातः काल जल्दी उठके पढ़ाई कर सकते हैं और अच्छे अंक भी प्राप्त कर सकते हैं। बस थोड़ी इच्छा शक्ति बढ़ाने की आवश्यकता होती है।

रात्रि देर तक जागने से हमारे शरीर पर निम्नलिखित कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं:-

1. रात्रि देर तक जागने से आँखों पर जोर पड़ता है और हमारी आँखों की दृष्टि कमजोर हो जाती है।

2. रात्रि देर तक जागने से हमें कई बार शारीरिक कमजोरी का आभास होता है ।

3. रात्रि देर तक जागने का असर हमारे दिमाग पर पड़ता है और हार्मोन्स असंतुलन ( Hormonal Imbalance) का खतरा बड़ जाता है।

4. ज्यादा दिनों तक रात्रि देर तक जागने से डिप्रेशन ( Depression ) का खतरा बड़ जाता है।

5. रात्रि देर तक जागने वाले विधार्थीयों को कई बार सिर में दर्द ( headache ) की परेशानी भी रहने लगती है ।

6. दिन भर की थकावट के बाद हमारा शरीर और मस्तिष्क ( Brain ) काफी थक जाता है। तो अगर हम थके हुए शरीर और मस्तिष्क ( Brain ) से पढ़ाई करें, तो हमें किसी एक विष्य पर प्रातः काल ( Early Morning ) की अपेक्षा अधिक समय व्यतीत करना पड़ेगा। इससे समय एवं हमारी नींद दोनों की बर्बादी होती है।

7. रात्रि में अधिक देर तक जागे रहने के लिए कई विधार्थी चाय, कॉफी एवं चॉकलेट आदि का सेवन करते हैं। चाय एवं कॉफी इत्यादि में निकोटिन होता है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता। धीरे – धीरे कई विधार्थी चाय एवं कॉफी इत्यादि के आदी हो जाते हैं और उनसे बिना चाय या कॉफी की पढ़ाई नहीं होती ।

इस प्रकार के अनेक कारण हैं जिनसे यह स्पष्ट होता है की रात्रि में देर तक जागना हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है।

प्रातः काल ( Early Morning ) में जल्दी उठकर पढ़ाई करने के फायदे :-

1.  रात्रि में प्रयाप्त नींद लेकर प्रातः काल जल्दी उठने से हमारा मस्तिष्क ( Brain ) तरो – ताजा ( Fresh ) हो जाता है और पढ़ाई करते समय हमारा ध्यान पढ़ाई पर अधिक केन्द्रित होता है।

2. प्रातः काल का समय प्राकर्तिक ( Natural ) रूप से काफी ऊर्जावान ( Energetic ) होता है और हमारा ध्यान किसी विषय पर अधिक केंद्रित होता है।

3. प्रातः काल जल्दी उठकर पढ़ाई करने से रात्रि की अपेक्षा विधार्थी किसी एक विषय को कम समय में ग्रहण कर रात्रि की अपेक्षा अपने समय की बचत कर सकते हैं।

4. प्रातः काल जल्दी उठने से हमारी स्मरण शक्ति ( Memory ) तेज होती है।

5. प्रातः काल में पढ़ाई करते समय यदि विधार्थीयों को अपने किसी सहपाठी या अध्यापक की आवशयकता होती है, तो विधार्थी उनसे सहायता प्राप्त कर सकते हैं। रात्रि के समय यह थोड़ा  जाता है  क्योंकि वह समय निंद्रा का होता है।

6. प्रातः काल का ब्रह्म मुहूर्त ( सूर्य उदय से 30 से 45 मिनट पहले का समय ) काफी शुभ होता है। इस समय एकाग्रता का स्तर काफी उच्च होता है। इस समय पड़े काफी अच्छे से होती है।

7. प्रातः काल जल्दी उठकर पढ़ाई करने से सारे दिन का कार्य एवं पढ़ाई योजनानुसार करने में आसानी होती है। इससे विधार्थीयों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

इस प्रकार के अनेकों फायदे हैं सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करने के। अनेकों सफल व्यक्तित्व अगर हम देखेंगे तो उनमें से ज्यादातर रात्रि में जल्दी सोकर, सुबह जल्दी उठने के सिद्धांत को मानते हैं। एक बहुत अच्छी कहावत है Early to bed early to rise makes a men healthy wealthy and wise. जब हमें रात्रि में नींद आए तो हमें प्रयास करके उसी वक्त  चाहिय। अगर विधार्थी प्रातः जल्दी उठकर थोड़ा व्यायाम और आसन पर बैठ कर ॐ के उच्चारण का अभ्यास करें तो और अधिक लाभकारी होता है। इससे मस्तिष्क ऊर्जावान महसूस करता है और पढ़ाई अच्छे से हो पाती है। जो विधार्थी देर रात्रि तक पढ़ाई करते हैं, यदि वह योजना बनाकर प्रातः काल जल्दी उठकर पढ़ाई करें तो वह स्वस्थ रहकर एक सफल व्यक्ति बन सकते हैं।

 

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