रक्तदान है महादान नही कोई आम दान

Blood donation poem in hindi

कविता

blood donation poem in hindi

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रक्तदान है महादान नही कोई आम दान

रक्तदान है महादान।।  

मिलता इससे नर को नव जीवन दान

मिलती उसके स्वप्नो को नव उमंग

देखे थे स्वप्न नर ने मातृभूमि की सेवा के

परन्तु दुर्घटनावश अधर में अटके हैं उसके प्राण

रक्त ने दिया उसे नव जीवन दान

रक्तदान है महादान नहीं कोई आम दान 

रक्तदान है महादान ||1||




पूज्य स्वामी विवेकानन्द ने कहा

नर को तुम नारायण समझो

 नर सेवा का व्रत लो महान 

मातृभूमि की सेवा में

मातृभूमि की सेवा में अर्पित कर दो तन मन धन

मन में लो यह शपत महान कि खून की कमी से न निकले किसी के प्राण

रक्तदान है महादान नहीं कोई आम दान 

रक्तदान है महादान || 2 ||

नेताजी सुभाष ने कहा

तुम मुझे खून दो में तुम्हे आजादी दूंगा 

समय की मांग ने कहा 

तुम उसी खून का दान दो मैं नव जीवन दूंगा 

रक्तदान है महादान नहीं कोई आम दान 

रक्तदान है महादान ||3||    




हम सब हैं युवा शक्ति

निभाएं अपना कर्त्तव्य महान

करें हम सब मिल रक्तदान 

रक्तदान है महादान नहीं कोई आम दान 

   रक्तदान है महादान ||4||     

लेखक :- भारत माता के आशीर्वाद से 

           अंकित चमन भंडारी 




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