Arjun ki krishan bhakti

  महाभारत के युद्ध के बाद एक बार भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन द्वारिका गये, इस बार रथ अर्जुन चला के ले गाये। द्वारिका पहुँच कर अर्जुन जी को काफी थकावट हो गयी, तो वह विश्राम करने के लिए अतिथि गृह में चले गये। संध्या के समय देवी रुक्मणी जी ने भगवान श्री कृष्ण को भोग अर्पित किया, तो भगवान बोले कि घर में अतिथि आये हुए हैं। मैँ अर्जुन के साथ ही भोजन करूँगा, रुक्मणी जी ने कहा प्रभु आप भोजन प्रारम्भ कीजिए में अर्जुन जी को बुलाके लाती हूँ। देवी रुक्मणी जैसी ही अतिथि गृह में पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि अर्जुन

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